गुजराती विवाह की रस्में और रिवाजें | Gujarati Shaadi Rituals Hindi

Gujarati Shaadi Rituals Hindi

विवाह 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। विवाह हर जाति एवं हर वर्ग के लिए महत्वपूर्ण होता है। एवं भारत में इसकी सबसे अधिक मान्यता है। इसे सभी अपनी अपनी सामर्थ्य के अनुसार भव्य अनुष्ठान के साथ पूर्ण करते हैं। हमने पिछले लेखों में विवाह के विभिन्न रस्मों रिवाजों के बारे में जाना। तो इसी सिलसिले में आज हम बात करेंगे गुजराती विवाह के रस्मों रिवाजों की। हम आज आपको इस लेख में गुजराती विवाह के शानो शौकत,लाजवाब,व्यंजन पारंपरिक रीति-रिवाजों (Gujarati Wedding Rituals List) से परिचित कराएंगे। तो आइए प्रारंभ करते हैं गुजराती परंपराओं को जानने का सिलसिला।

सम्बंधित जानकारी :

चांदलो मातली की रस्म | Gujarati Shaadi Chandlo Maatli Rituals

गुजराती विवाह का यह सबसे प्रथम रस्म है इस रस्म में लड़की का पिता एवं लड़की पक्ष के अन्य चार पुरुष एक साथ लड़के के घर जाते हैं। एवं लड़की के पिता होने वाले वर के मस्तक पर बिल्कुल बीचो-बीच लाल रंग का गोल बनाते हैं। इसे ही चांद लो मातली का रस्म कहा जाता है। इसके साथ ही कन्या पक्ष वर पक्ष को कुछ उपहार सामग्रियां भेंट करते हैं। एवं विवाह की तिथि निश्चित करते हैं।

सगाई या गोल धना की रस्म | Gujarati Marriage Gol Dhana Ceremony

गुजराती भाषा में सगाई की रस्म को गोल धना की रस्म भी कहते हैं। गोल धना से तात्पर्य है गुड और धनिया इस रस्म में दुल्हन तथा उसके परिवारी जन दूल्हे के घर पर आते हैं। एवं सभी के सम्मुख वर वधु एक दूसरे को अंगूठी पहनाते हैं एवं वहां उपस्थित दोनों पक्ष की पांच सुहागन स्त्रियों के आशीर्वाद लेते हैं।

मेहंदी की रस्म | Gujarati Marriage Mehndi Ceremony

विवाह से 2 दिन पूर्व मेहंदी की रस्म का आयोजन किया जाता है। इस रस्म में दुल्हन के हाथों में मेहंदी लगाई जाती है एवं दुल्हन के अतिरिक्त रिश्तेदार एवं परिवार की अन्य की स्त्रियां भी मेहंदी लगाती हैं।

संगीत का रस्म | Gujarati Marriage Geet Ceremony

यह रस्म मेहंदी की रस्म के बाद एवं विवाह के 1 दिन पूर्व निभाई जाती है। इसमें नृत्य संगीत का आयोजन किया जाता है। दोनों परिवार एक दूसरे से हिलते मिलते हैं। एवं एक दूसरे को और अधिक जानने व परखने का अवसर प्राप्त होता है। एवं उपस्थित सभी मेहमान गुजराती पारंपरिक नृत्य डांडिया गरबा करते हैं। एवं इस प्रकार से आनंद पूर्वक इस रस्म को पूर्ण किया जाता है।

मंगल मुहूर्त का रस्म | Gujarati Marriage Mangal Muhurat Rasam

विवाह से पूर्व वर वधू अपने घरों में भगवान मंगल मूर्ति श्री गणेश की पूजा करते हैं। एवं अपने जीवन के प्रारंभ हेतु आशीर्वाद लेते हैं। एवं अपने जीवन के सभी विघ्नों को हरने की प्रार्थना करते हैं।

गृह शांति पूजा:-

विवाह से पहले दोनों पक्षों के परिवारों के घर पर एक शांति पूजा का अनुष्ठान किया जाता है। एवं घर में सुख समृद्धि व शांती की प्रार्थना की जाती है।

7.हल्दी की रस्म:-

इस रस्म में वधू के परिवार की सुहागन स्त्रियां मिलकर उसे हल्दी चंदन एवं गुलाब जल इत्यादि का लेप लगाती हैं।

मामेरू मासलु का रस्म:-

इस रचना में दुल्हन के मामा दुल्हन के लिए गहने कपड़े मिठाईयां व अन्य उपहार लेकर आते हैं। इस रस्म को मामेरू मासलू का रस्म में कहते हैं।

जान की रस्म:-

इस रस्म में जब बारात विवाह स्थल तक पहुंचती है तब दुल्हन की मां स्वागत के लिए उपस्थित होती हैं। एवं जब दूल्हा उनके पांव छू कर आशीर्वाद लेते हैं। तो दुल्हन की मां दूल्हे की नाक पकड़ने का प्रयास करती हैं।यह रस्म इस बात का संकेत देता है कि वे अपना अमूल्य धन रूपी बेटी उन्हें सौंप रही हैं। अतः वे विनम्रता के सहित उसे स्वीकार करें।

विवाह की रस्में | Gujarati Shaadi Rituals | Gujarati Marriage Rasam List

  1. बारात:-

विवाह वाले दिन में निभाई जाने वाली रस्मों में से सबसे प्रथम रस्म बारात का रस्म है। इसमें बारात प्रस्थान करने से पूर्व वर की बहन एक कपड़े में कुछ सिक्के बांधकर दूल्हे के सिर से चारों तरफ वारती है। इस रस्म के पिछे यह मान्यता है कि ऐसा करने से बुरी नजर से दूल्हे की रक्षा होती है।

  1. जयमाला की रस्म:-

विवाह से पूर्व वरमाला की रस्म संपन्न की जाती है। इस रस्म में दूल्हा एवं दुल्हन दोनों एक दूसरे को फूलों की हार पहनाते हैं।

  1. अंतर पात की रस्म :-

इस रस्म में वर वधु के बीच पर्दा लगा होता है एवं वधु को उसके मामा मंडप तक लेकर आते हैं। एवं पूरी विधि के दौरान पर्दा लगा ही रहने दिया जाता है। किंतु कुछ रस्मों के दौरान इसे थोड़ा नीचा कर दिया जाता है।

4.वरमाला एवं कन्यादान का रस्म:-

कन्यादान के रस्म में कन्या के पिता कन्या का हाथ वर के हाथ में दे देते हैं। एवं अन्य संबंधी वर वधू का गठबंधन कर कन्यादान के रस्म को पूर्ण करते हैं। एवं अपशगुन इत्यादि बुराइयों से वर वधु को बचाने हेतु दोनों के गले में रस्सी बंधी जाती है जिसे वरमाला की रस्म कहते हैं।

  1. मधुपरका का अथवा पंचामृत का रस्म:-

दुल्हन के परिवार का एक सदस्य वर के पांव धोते हैं एवं उसी दौरान वर को दूध एवं शहद पीने को दिया जाता है। इसे मधुपुरका रस्म कहते हैं।

  1. मंगल फेरे एवं सप्तपदी की रस्म:-

प्रायः सभी हिंदू विवाहों में सात फेरों की रस्म होती है जबकि इससे भिन्न गुजराती विवाह में अग्नि के मात्र 4 फेरे लिए जाते हैं। एवं दूल्हा दुल्हन 7 पग बिल्कुल संग संग रखकर चलते हैं। इसे सप्तपदी का रस्म भी कहते हैं।

7.जूता चोरी का रस्म:-

विवाह के दौरान दुल्हन की बहनें दूल्हे के जूते चुरा लेती हैं। एवं विवाह के पश्चात विदाई के लिए जूते वापस मांगने पर वे नेंघ का मांग करती हैं। एवं कोई उपहार अथवा नेंघ मिलने पर ही जूते वापस करती हैं।

विवाह के पश्चात की रेस्में | Gujarati Rituals After Marriage Ceremony

1.विदाई का रस्म:-

विवाह के पश्चात बारी आती है विदाई की इस रस्म में दुल्हन अपने हाथों से चावल अपने पीछे की ओर फेंकती है। एवं वधू उन की मां चावलों को अपने आंचल में पकड़ती हैं। एवं दुल्हन अपने सभी सगे संबंधियों तथा परिजनों से मिलने के पश्चात बारात के सहित दूल्हे के साथ विदा होती हैं।

  1. गृह प्रवेश का रस्म:-

इस रस्म में दुल्हन के स्वागत में दूल्हे के घर के द्वार पर अंदर की तरफ छोटे से कलश में चावल भरकर रखा होता है। जिसे दुल्हन अपने पांवो के द्वारा हल्के से गिरा कर घर के भीतर प्रवेश करती हैं।

  1. एकी बेकी का रस्म:-

पूरे विवाह की रस्मों रिवाजों के दौरान सभी काफी सजग हो कर गंभीरता से सभी रस्मों को पूर्ण करते हैं। किंतु विवाह के पश्चात दूल्हा दुल्हन के गृह प्रवेश के बाद की विधियां काफी हास्यप्रद एवं मजेदार हो जाता है। इस एकी बेकी की रस्म में किसी गहरे पात्र में दूध भरकर उसमें अंगूठी डाल दी जाती है। एवं उस अंगूठी को दूल्हा-दुल्हन को ढूंढना होता है। जो इस अंगूठी को ढूंढने में सफल होते हैं उन्हें एक उपहार दिया जाता है। एवं यह भी माना जाता है की जो इस खेल में जीता है दांपत्य जीवन में उसी की अधिक चलेगी।

4.रिसेप्शन का आयोजन:

रिसेप्शन का आयोजन विवाह की सारी रस्में पूर्ण होने के पश्चात दूल्हे के परिवार वाले रखते हैं। इस रस्म में खानपान का आयोजन किया जाता है। एवं वर पक्ष के सभी करीबी रिश्तेदारों को आमंत्रित किया जाता है। एवं इसमें पारंपरिक गुजराती खाने की व्यवस्था की जाती है।


सम्बंधित जानकारी :

शेयर करें
Posted by: Shaadi99

Leave a Reply

Your email address will not be published.